रियल यात्रा के दौरान कोई बाधा उत्पन्न ना हो। इसके लिए भारतीय रेल हर यात्री को सुविधा मुहैया कराने का खास ख्याल रखता है। फिर बात दिव्यांग जनों की ही क्यों ना हो। दिव्यांग को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनमें आत्मविश्वास भरने के मकसद से रेलवे के द्वारा उन्हें हर वे सुविधा प्रदान की जा रही है जिसकी उन्हें आवश्यकता है। रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटर पर दिव्यांग जनों को लाइनों में खड़े होकर इंतजार ना करना पड़े इसके लिए उनके लिए अलग से टिकट काउंटर की व्यवस्था की गई है। जिससे दिव्यांगजन बिना किसी परेशानी से टिकट प्राप्त कर लेते हैं। जो दिव्यांगजन चलने में सक्षम नहीं है। उनके लिए रेलवे स्टेशनों पर  व्हीलचेयर रखी गई है। जिसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशनों पर आने वाला कोई भी दिव्यांग कर सकता है। वही दिव्यांगों को आसानी से ट्रेन में चढ़ने के लिए फोल्डेबल रैम की सुविधा दी गई है। दिव्यांगजनों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए बैटरी कार की सुविधा दी जा रही है। दिव्यांग जनों की यात्रा को और आसान बनाने के लिए भारतीय रेल ने ट्रेनों में अलग से दिव्यांग कोच लगाए हैं। कोच में बीप बटन के साथ लाईट लगी होती है। जिससे दिव्यांग जनों को पता चल जाता है। कि ये उनका कोच है इस कोच में केवल दिव्यांगजन ही सफर करते हैं।जिससे दिव्यांग यात्री सुरक्षित महसूस करते हैं। रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांगजनों के लिए उनकी सुविधा के अनुसार अलग से शौचालय भी बनाए गए हैं। वहीं सीढ़ियों पर चढ़ने- उतरने की परेशानियों से निजात दिलाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ियां व लिफ्ट लगाई गई है। स्टेशनों पर ऑटो-मेटिक ऐस्टेयर लिफ्ट भी लगाई गई है। जिससे दिव्यांग जन एक तल से दूसरे तल जा सके। रेलवे स्टेशनों पर अलग से पार्किंग व्यवस्था, विशेष पानी की नल की व्यवस्था भी की गई है। दृष्टिहीन यात्रियों को अपने कोच, शौचालय, गेट आदि पर आने- जाने के लिए अन्य यात्री का सहारा लेना होता है। जिससे निजात पाने के लिए प्लेटफार्म तथा ट्रेनों में Braille signage लगाए जा रहे हैं। भारतीय रेल द्वारा दिव्यांगजनों के लिए रेल यात्रा टिकट किराए में रियायत दी जाती है।
 दिव्यांगजनों के साथ एक अनुरक्षक साथी को भी रियायत प्राप्त होती है।रियायती दर पर रेल टिकट प्राप्त करने के लिए दिव्यांग जनों को रेलवे द्वारा परिचय पत्र जारी किया जाता है।